पकठौल पंचायत में बिजली विभाग की लचर व्यवस्था कभी गायब तो कभी फेज की समस्या से त्रस्त ग्रामीण, विभाग बना लापरवाह।
फोन उठाते हैं, पर काम नहीं करते! पकठौल में बिजली विभाग की मनमानी के खिलाफ ग्रामीणों में भड़का आक्रोश
पकठौल पंचायत में बिजली विभाग की लचर व्यवस्था कभी गायब रहती है बिजली तो कभी लो-वोल्टेज और फेज की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण
बेगूसराय/तेघड़ा संवाददाता राम आधार साहनी
पकठौल, (बिहार) राज्य सरकार और बिजली वितरण कंपनियों द्वारा ग्रामीण इलाकों में 24 घंटे बिजली देने के चाहे लाख दावे किए जा रहे हों, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। ताज़ा मामला पकठौल पंचायत का है, जहां बिजली विभाग की मनमानी और पूरी तरह से बरती जा रही लापरवाही के कारण आम जनता का जीना मुहाल हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बिजली विभाग की आंख-मिचौली रोज की आदत बन गई है। पंचायत में कभी भी बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली गायब कर दी जाती है, तो कभी कम वोल्टेज (लो-वोल्टेज) और फेज की समस्या से लोगों के घरेलू उपकरण जल रहे हैं।
फोन उठाने के बावजूद टालमटोल करते हैं लाइनमैन
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी बिजली आपूर्ति बाधित होती है, वे विभागीय अधिकारियों और स्थानीय बिजली मिस्त्री (लाइनमैन) को फोन करते हैं। फोन रिसीव तो कर लिया जाता है, लेकिन समस्या के समाधान के नाम पर सिर्फ कोरे आश्वासन और बहानेबाजी ही मिलती है। समय पर कोई भी कर्मचारी मौके पर पहुंचकर फॉल्ट ठीक करने की जहमत नहीं उठाता।
विभाग की लापरवाही से बढ़ रहा आक्रोश
गर्मी और उमस भरे मौसम के बीच बिजली की आंख-मिचौली से छात्रों की पढ़ाई, बुजुर्गों की सेहत और छोटे-मोटे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पकठौल पंचायत की विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।













