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Sach Aaj Tak News न्यायालय के आदेश पर अतिक्रमण कारिर्यों पर, एवं कर वसुली करने वाले दबंगो के बीच छाया मातम। जिले के लोहिया नगर से अतिक्रमण हटाने का कार्य प्रारंभ होने से लेकर प्रशासन द्वारा पूरे जिले में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। हो रही चर्चा को गर माने तो 9 दिसंबर से बिहट नगर परिषद उसके बाद बरौनी एवं तेघड़ा नगर परिषद में भी अतिक्रमणकारियों पर बुलडोजर चलना तय माना जा रहा है।

न्यायालय के आदेश पर अतिक्रमण कारिर्यों पर, एवं कर वसुली करने वाले दबंगो के बीच छाया मातम।


जिले के लोहिया नगर से अतिक्रमण हटाने का कार्य प्रारंभ होने से लेकर प्रशासन द्वारा पूरे जिले में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा।


हो रही चर्चा को गर माने तो 9 दिसंबर से बिहट नगर परिषद उसके बाद बरौनी एवं तेघड़ा नगर परिषद में भी अतिक्रमणकारियों पर बुलडोजर चलना तय माना जा रहा है।

बरौनी/बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत राम जीवन दास की रिपोर्ट। 

जिले के बेगूसराय नगर क्षेत्र में मुख्य मार्गों एवं आंतरिक सड़कों के किनारे स्थायी / अस्थायी अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित होने से काफी जाम की समस्या  होती रही है, जिसके कारण सड़क दुर्घटनाएं भी होती रही है। एनएच 31 बेगूसराय शहर के बीचों-बीच अवस्थित है, जिसके दोनों तरफ घनी आबादी के कारण यातायात का दबाव अधिक है। विशेष रूप से लोहियानगर ओवरब्रिज के निकट निर्माणाधीन फलाईओवर के दोनों तरफ अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। जिससे न सिर्फ आमजन को आवागमन में कठिनाई हो रही है, बल्कि मरीजों, एम्बुलेंस एवं स्कूली बसों को भी आवागमन बाधित होता है, तथा जाम में फंसा रहना पडता है। अतिक्रमण के कारण आये दिनों एनएच 31 पर सड़क दुर्घटनाएं होती ही रहती है। वर्ष 2025 में 13 सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज किया गया है, जिसमें से 4 दुर्घटनाओं में पीड़ित की जान भी चली गई है।


अतिक्रमण के कारण एनएच 31 पर निर्माणधीन फलाईओवर के निर्माण कार्य में भी समस्याएं उत्पन्न हो रही है, तथा इसमें वांछित प्रगति भी नहीं हो पा रही है।


समीक्षा के क्रम में यह भी पाया गया है कि लोहियानगर ओवरब्रिज के पास पिछले कुछ समय से असमाजिक तत्वों द्वारा सड़क किनारे अतिक्रमण कर छिनतई, लूटपाट की घटनाओं को भी अंजाम दिया जाता रहा है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि नगर थाना में इस वर्ष मोटरसाइकिल चोरी/सामान्य चोरी के 13, झपटमारी के 12, एनडीपीएस-3, आर्म्स एक्ट के 01 मामले सहित कुल 29 मामले दर्ज किये गये है।

उक्त  आलोक में न्यायालय के आदेश पर शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। लोहियानगर ओवरब्रिज के नीचे एनएच 31 के किनारे अतिक्रमण हटाने के क्रम में इन झुग्गी-झोपड़ियों के अंदरूनी भाग में भारी मात्रा में देशी शराब निर्माण का अवैध कारोबार का उद्भेदन भी हुआ है। इस अभियान में नगर थाना के द्वारा 5600 (पांच हजार छह सौ) लीटर जावा शराब को विनष्ट किया गया है तथा 42 (बियालिस) लीटर देशी चुलाई शराब एवं 9.36 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद किया गया। इस संदर्भ में नगर थाना कांड संख्या 505/2025 एवं 521/2025 दिनांक 04.12.2025 दर्ज की गई है। इस वर्ष नगर थाना में उत्पाद विभाग द्वारा 22 कांड दर्ज किये गये है।

अतिक्रमण हटाये जाने के क्रम में यदि किसी व्यक्ति/परिवार, जिसके पास अपनी वासभूमि नहीं है तथा जीविकोपार्जन का अन्य कोई साधन नहीं है, उसके पुनर्वास में जिला प्रशासन द्वारा हर संभव मदद किया जायेगा। ऐसे व्यक्ति अनुमंडल पदाधिकारी, बेगूसराय अथवा अंचल अधिकारी बेगूसराय के समक्ष अपना आवेदन दे सकते है, जिसके आलोक में उनके पुनर्वास हेतु नियमानुकूल अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी।

यदि किसी के द्वारा अतिक्रमण हटाने के आलोक में भ्रामक सूचना/अफवाह फैलाने का प्रयास किया जाता है तो उसे चिन्हित करते हुए नियमानुसार कड़ी कार्रवाई भी की जायेगी।

जिला प्रशासन द्वारा सभी आमजनों से अतिक्रमण के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में सहयोग के साथ-साथ किसी भी प्रकार के अफवाहों से बचने की भी अपील की गई  है।

वहीं जिले के बीहट, बरौनी, तेघड़ा नगर परिषद क्षेत्र में भी विभिन्न सड़कों के किनारे अनाधिकृत  रूप से सरकारी जमीन पर झोपड़ी ही नहीं महल भी खरी कर लिए गए हैं। क्योंकि यह सब कार्य स्थानीय दबंगों के द्वारा करवाया जाता है। और उसके एवज में हर व्यवसाईयों से महिनवारी वसूल की जाती है। चुंकि पापी पेट की आग  को बुझाने एवं अपने बाल बच्चों की रोजी-रोटी के लिए सरकारी जमीन पर अपना व्यवसाय कर जीने का सहारा खोजने वाले को दबंगों को भी माहवारी (किराया) देना ही पड़ता है। जिसका भार आम खरीदारों पर पड़ता है। यहां तक की हर चौक चौराहे पर छोटे-छोटे वाहनों से लेकर ठेला, रिक्शा लगा कर रोजगार करने वाले गरीबों के द्वारा ना समझी के कारण जाम लगा दिया जाता है। जिस कारण आम आवाम को ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। न्यायालय के आदेश पर गर अतिक्रमण हटाया जाता है तो सबसे बड़ी कठिनाइयां दबंगो होता दिख रहा है। क्योंकि हर छोटे-छोट व्यवसाययों से लेने वाले कर का नुकसान दबंग को ही उठाना पड़ेगा। जिस कारण स्थानीय सफेद प़ोस नेताओं द्वारा धरना प्रदर्शन का आयोजन कर लोगों को एवं खास करके प्रशासन को परेशान करने की कवायत भी की जाती है। चुकी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर व्यवसाय करने वाले गरीबों को तो हर तरफ से नुकसान उठाने का सामना करना पड़ता है। क्योंकि उन्हें तो रोजी-रोटी के लिए दबंग के शरण में जाकर ही गुजारा हो पाता है। और जब सरकारी आदेश के अनुसार उन्हें हटाया जाता है। तो उनका रोजी-रोटी ही नहीं, बल्कि लगाए गए पूंजी पर भी असर पड़ता है। 

बताया जाता है कि न्यायालय के आदेश पर जिला प्रशासन द्वारा जिले के अंदर हर अतिक्रमणकारियों पर बुलडोजर चलना निश्चित  दिख रहा है? जिस कारण आम आवाम में जहां खुशियां देखी जा रही है, वही अतिक्रमण कारियों एवं उससे संबंधित कर वसूली करने वाले दबंग के बीच काफी हलचल देखा जा रहा है। अबकी होते हो भाई।



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