राजद के पूर्व विधायक एवं जनता दल यूके वरिष्ठ नेता वीरेंद्र महतो का तेघरा से भाजपा प्रत्याशी को मिला आशीर्वाद।**
**झूठी अफवाहों पर लगा विराम, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कार्यकर्ताओं में छाई खुशियों की वहार।**
बरौनी/बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर 10 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक नामांकन प्रक्रिया के बीच कुछ छुट भैये नेताओं ने हवा चलाई की तेघड़ा विधानसभा कुछ दिन पूर्व से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के जदयू के पाले में है तो उसी दंल के उम्मीदवार न होंगे। लेकिन यह सीट फिर से भारतीय जनता पार्टी के पाले में आने पर जिला द्वारा भेजे गए चार नामो में से एक नाम पर मोहर लगी और रजनीश कुमार को प्रदेश और केंद्रीय चुनाव समितियो द्वारा कमल फूल का सिंबल देकर तेघड़ा विधानसभा में नॉमिनेशन करने के लिए आदेश पारित कर दिया। यह जानकारी मिलते ही लोगों में भ्रांतियां फैलाने के लेकर कई तरह की हवा बहाई गईं , जिसमें पैनल के लोगों द्वारा कोई टिकट नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर करने लगे। यहां तक की पैइनल के एक व्यक्ति ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में नॉमिनेशन के लिए पर्ची भी कटवा लिया। जो बाद में नॉमिनेशन भी कर दिया। और पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर अपने को पूर्व के विद्यार्थी परिषद का सक्रिय कार्यकर्ता बताया। वही एक चर्चा यह भी चलाई गई की पूर्व के जदयू के वरिष्ठ नेता जो तेघरा विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। वह निर्दलीय के रूप में फिर से नॉमिनेशन करेंगे? लेकिन कहते हैं कि जो अपने को विद्यार्थी परिषद में कार्य करने की बात बताते है। इस पर तेघर इकाई के सदस्य शशि ने पत्रकारों को कहा कि क्या वह इसका सबूत दे सकते हैं। जबकि विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के अनुसार मास्को को तोड़ने वाले पूर्व विधायक ने ही अपने हुलुक-बुलुक के चक्कर में टिकट नहीं मिलने के कारण अपने प्रत्याशि को भी हराणे में अहम भूमिका अदा की ।यहां तक की अपनी पहुंच पैरबी के बल पर दूसरे संगठन के सिंबोल पर चुनावी मैदान में ताल ठोक दिया। लेकिन कहा जाता है कि नरायणा शोद्धलक तीनों घरैना ।के कहावत को चरितार्थ कर दिया। यहां तक की हो रही चर्चा को गर माने तो संगठन के जदयू उम्मीदवार को भी हराने में भी उन्होंने अहम भूमिका अदा की। लेकिन सूत्रों की गर माने तो मान्यवर पूर्व विधायक जी 20 अक्टूबर को अपना उम्मीदवारी वापस ले सकते हैं। जिसकी चर्चा भी होने लगी है। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी पंच निष्ठा को पालन करने वाली संगठन है। जिसे कुछ लोग अपने स्वार्थ बस पंच निष्ठा को तांगे पर रखकर अपनी बाहबाही में जूट दिख रहे हैं। लेकिन होई हैं वही जो राम रची राखा,को करि:::::::::::
लेकिन विधानसभा क्षेत्र में अपनी खोई हुई जमीन को वापिस पाने पर स्वयंसेवक एवं पार्टी के समर्पित सक्रिय कार्यकर्ताओं का आत्म बल देखकर विरोधियों में भी खलबली देखी जा रही है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के हर एक कार्यकर्ता अपने उम्मीदवार को विजय श्री दिलाने के लिए एकत्रित हो चुके हैं और मैदान में उतर चुके हैं। जो प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री नीतीश जी के द्वारा किए गए विकास कार्यों को मतदाताओं के साथ साझा करते हुए उनका मत पाने में हर घर जा रहे हैं, हर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। यहां तक की महिला दीदीओ ने भी अपनी भागीदारी निभाना प्रारंभ कर दिया है।


