कठिनाई में दिनकर की कविताओं को पढ़ने से मिलती है शक्ति ।
बरौनी/ बेगूसराय/संवाददाता मंहथ राम जीवन दास की रिपोर्ट
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 117वीं जयंती समारोह सातवें दिन गुरुवार को मध्य विद्यालय गढ़हरा में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता रिटायर्ड शिक्षक मुक्तेश्वर प्रसाद वर्मा ने की। संचालन युवा कवि ए के मनीष ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में युवा साहित्यकार ललन लालित्य ने कई कविताओं को कोट करते हुए बच्चों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रामधारी सिंह दिनकर की कविता में देश प्रेम की भावना है। हमें उनसे बहुत प्रेरणा मिलती है।कहा कि आपका जुनून आपका लगन और आपका काम जो है उसके प्रति आप सचेत रहें।दिनकर की रचनाओं को याद करने से ज्यादा महत्वपूर्ण है उसको अपने जीवन में आत्मसात करना। जब जीवन में महान संकट आए तो उनकी कविताओं को पढ़ के आगे बढ़े।अपनी वक्तव्य में उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति महान बन सकता है। दिनकर पुस्तकालय के अध्यक्ष विशंभर प्रसाद सिंह ने कहा कि दिनकर की रचनाओं से बच्चों को कुछ सीखने की जरूरत है और उसे अपने जीवन में हथियार के रूप में इस्तेमालन करें।स्वागत भाषण दिनकर स्मृति विकास समिति के कोषाध्यक्ष रामनाथ सिंह व शिक्षक रंजीत कुमार सिंह ने किया। विद्यालय के बच्चे रत्नमाला ,सपना श्वेता, मनु और मानवी ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। मौके पर कवि विनोद बिहारी ने दिनकर की रचना रात यूं कहने लगा कि मुझसे गगन का चांद गाकर सभा को और बच्चों को आनंदित किया। युवा कवि सह अभियंता प्रियव्रत कुमार ने दिनकर से जुडी एक रोचक तथ्य बाल कविता के माध्यम से शुरुआत की।बच्चों को अपनी काव्य अंदाज में दिनकर की कविताओं को पढ़ने की तरीका के बारे में विशेष जानकारी दी। मौके पर युवा कवि एके मनीष व डॉ मुस्तफीज ने अपनी रोचक रचना सुनाई। समाजसेवी कृष्ण कुमार शर्मा ने दिनकर. आधारित गीत गाकर समां बांधा। इस मौके पर विद्यालय के बच्चे साक्षी कुमारी, चक्रेश भारद्वाज, राजकुमार, श्वेता कुमारी, अर्चना कुमारी, श्रेया भारद्वाज, आतिफा रहमानी ,रत्नमाला, मन्नू कुमारी, अर्चना कुमारी आदि ने दिनकर की रचनाओं का पाठ किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक सिकंदर कुमार पासवान ने सभी आगत अतिथियों को लेखनी से सम्मानित कर धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस मौके पर युवा कवि डॉ मुस्तफिज, सुधीर कुमार वर्मा, नीलम कुमारी, उषा कुमारी, मो खालिद सैयफुल्लाह रहमानी आदि थे।


