वेद ज्ञान से ही भारत बनेगा विश्व गुरुः स्वामी चिदात्मन जी वेद केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की सर्वोत्तम पद्धति।
वीहट (बेगूसराय) सच आज तक न्यूज़ संवाददाता मुकेश कुमार
सर्वमंगला अध्यात्म योग विद्यापीठ, सिमरिया धाम काली स्थान में शनिवार को सावन पूर्णिमा के पावन अवसर पर विश्व संस्कृत दिवस सह स्वामी चिदात्मन वेद विज्ञान अनुसंधान संस्थान का स्थापना दिवस आध्यात्मिक उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। पूरे परिसर में वेद मंत्रों की गूंज और दीपों की आभा से एक अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण बन गया। स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कहा कि वेद ही हमारी सनातन संस्कृति की आत्मा हैं। यह केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की सर्वोत्तम पद्धति है। उन्होंने आह्यन किया कि हमें गर्व के साथ अपनी जड़ों से जुड़ना होगा, तभी भारत पुनः विश्व गुरु बनेगा।
विशिष्ट अतिथि डा. अवधेश कुमार झा ने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता और संस्कृति का जीवन-स्रोत है। पं. दिगम्बर शास्त्री ने ब्राह्मण समाज से आग्रह किया कि वे अपने आचरण को अनुकरणीय बनाकर समाज को मार्गदर्शन दें। इसे अखिलेश्वरानंद जी व डा. नारायण
संस्कृत दिवस पर आयोजित समारोह का उद्घाटन करते अतिथि जागरण
यादव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत आचार्य नारायण झा और आचार्य दिनेश झा द्वारा स्वस्तिवाचन और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। वेद विज्ञान अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा. विजय कुमार झा ने संस्था की स्थापना के उद्देश्यों व आने वाले समय की योजनाओं पर प्रकाश डाला। संचालन डा. घनश्याम झा व सत्यानंद जी ने
संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर संस्थान की त्रैमासिक पत्रिका अम्बरमणि के 'संस्कृत दिवस अंक' और सर्वमंगला संध्यातर्पण विधि का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह, योगाचार्य जी, श्याम सनातन जी, ईश्वर चंद्र विद्यासागर जी, पप्पू त्यागी जी,


