नाग पंचमी के अवसर पर बाबा स्थान, जगदंबा स्थान, विश्वहरि रस्थान सहित बिहट और सबौरा में भी धूमधाम से माता बिसरी की पूजा _अर्चना की गई।
बरौनी/बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट।
पवित्र मांह श्रावण कृष्ण पक्ष पंचमी के दिन माता विषहरी की पूजा, अर्चना नाग पंचमी के रूप में मनाई जाती है। जिसको लेकर मंगलवार को क्षेत्र के विभिन्न विषहरी स्थान में नाग देवता का पूजा अर्चना धूमधाम से की जाती है। इस पूजा को लेकर बरौनी नगर परिषद क्षेत्र के बाबा स्थान, जगदंबा स्थान एवं कीर्तौल पंचायत के विषहरी स्थान सहित बिहट नगर परिषद क्षेत्र के बीहट सहित सबौरा के बिषहरी स्थान में भक्तों द्वारा श्रद्धापूर्वक धूमधाम से पूजा अर्चना की जाती है।
बताया जाता है कि नाग पंचमी और मधु श्रावणी का गहरा संबंध है। मधु श्रावणी के अंतराल में नाग -नागिन पूजा का विधान बताया जाता है। तकरीबन हर गांव के विषारी माता स्थान में आज मेला लगता है। जिसमें विषारी माता को (दूध- लावा- झाप -रंग-बिरंगे कागज -शंठी और कोयढला से निर्मित मंदिर नुमा संरचणा -नीम की पत्ती दही )आदि समर्पित किया जाता है।
इस अवसर पर बरौनी नगर परिषद क्षेत्र के फुलवरिया एक स्थित बाबा स्थान, शोकहारा जगदंबा स्थान और कीर्तोल पंचायत के विषहरी स्थान में मेला लगता है। जबकि बीहट और सबौरा में भी विषहरी स्थान में मेला लगता है। इस अवसर पर दूध लावा के साथ-साथ रंग-बिरंगे वार्षिक फल कटहल,आम आदि फलों का माता को भोग लगाया जाता है ,और बताशा भी चढ़ाया जाता है। साथ ही साथ माता के भक्तों के द्वारा माता को कबूला गया छागर की बलि भी दी जाती है। इस अवसर पर भक्तजण झाल- ढोलक, मृदंग बजाकर माता की भजनों में घंटो मशगूल रहते हैं।
आज के दिन फुलवरिया एक स्थित दुलरवा धाम शिव मंदिर पर भी विशेष व्यवस्था की गई । जहां भक्तों का जमावड़ा पूजा अर्चना के लिए लगी थी। इतना ही नहीं महिला पुरुष भक्ति जान इस अवसर पर अपने-अपने घरों के देवता पर भी नाग देवता के निमित्त दूध- लावा ,नीम की पाति, दही, फल आदि चढ़कर नाग मुंह तीत, नाग मुंह खट्टा करके दही और नीम की पाति पहले खा करके फिर अन्य प्रसाद पाते हैं। बताया जाता है कि इस दिन इस अवसर पर मधुरापुर पुवारी टोला के बूढी मां स्थान में भी ग्राम वासियों द्वारा धूमधाम से पूजा अर्चना की जाती है।







