तीसरी सोमवारी पर उमड़ेंगे कांवरिये, सुविधाएं नाका फी
बीहट बेगूसराय सच आज तक न्यूज़ संवाददाता मुकेश कुमार की रिपोर्ट
सावन की दूसरी सोमवार को सिमरिया धाम में गंगा स्नान व जल लेकर हरिगिरि धाम गढ़पुरा जानेवाले कांवरियों की भारी भीड़ उमड़ी, लेकिन सुविधाओं की कमी रही. स्थानीय पंडा-पुरोहितों की मानें तो तीसरी सोमवारी को जलाभिषेक करने के लिए सिमरिया गंगा नदी से जल भरने आने वाले कांवड़ियों की भीड़ और अधिक बढ़ेगी. हालांकि, इतनी बड़ी भीड़ के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं की गयी है. जिससे श्रद्धालुओं को निश्चितरूपेण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. खास करके पेयजल, शौचालय और विश्राम स्थल जैसी बुनियादी सुविधाएं अपर्याप्त हैं. पक्का सीढ़ी घाट बन जाने से जहां कांवड़ियों को जल भरने में सुविधा हुई है, वहीं अन्य सुविधाओं को लेकर कांवड़ियों को परेशानी होगी. पे एंड यूज वाले स्थायी शौचालय में पानी भर जाने के कारण शौचालय फिलहाल किसी काम का नहीं रह गया है. हालांकि शनिवार को उससे पानी निकाला जा रहा था लेकिन वर्षा हुई तो शौचालय किसी काम का नहीं रह जायेगा, ऐसे में कांवड़ियों को परेशानी होगी. विशेष रूप से महिलाओं को फजीहत का सामना करना पड़ेगा. जबकि प्रशासनिक भवन के सामने बना शौचालय गंदगी से भरा
बिना बैरिकेडिंग के गंगा घाट.
है. दूसरी सबसे बड़ी मूलभूत समस्या पेयजल की है. घाट पर आश्चर्यजनक रूप से कहीं भी शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की गयी है. जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं के लिए बनाया चेंजिंग रूम महज खानापूर्ति करता दिखायी पड़ रहा है. खोया-पाया केन्द्र, मेडिकल सुविधा के लिए पंडाल बनाये गये हैं, सफाई दुरूस्त है. मगर किसी भी स्नान घाट पर बेरिकेटिंग नहीं की गयी है. कुछ जगहों पर भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने में भी कमी देखी गई, जिससे पिछली बार वहां अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गयी. खास करके चकिया शक्र चौक और एफसीआइ केविन के पास वन वेै
व्यवस्था रहने के कारण कांवड़ियों को असुविधा होती है. वहीं बीहट चांदनी चौक के समीप सर्विस रोड पर फुटपाथी दुकानदारी और वाहनों की आवाजाही और इ-रिक्शा की मनमानी के कारण जगह काफी संकीर्ण है, कांवड़ियों की भीड़ को निकलने में पुलिस को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ता है. भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए वहां अधिक मुस्तैदी की जरूरत है. कुल मिलाकर, सिमरिया में सावन के तीसरे सोमवार को कांवड़ियों की भीड़ तो उमड़ेगी, लेकिन सुविधाओं और वाहनों के परिचालन को व्यवस्थित नहीं किया गया तो उनकी यात्रा को थोड़ा मुश्किल जरूर बना देगी. शौचालय की नारकीय स्थिति.



