राजधानी पटना नारकोटिक्स सेल के एसटीएफ की सूचना पर बेगूसराय पुलिस ने एक व्यक्ति को लगभग ढाई करोड़ रुपए मूल्य के हीरोइन के साथ गिरफ्तार करने मेगूसराय पुलिस ने सूचना पाते ही बस से उतरकर जाने के क्रम में एक ट्रॉली बैग के साथ हेरोइन तस्कर को धर दवोचा ।
तस्कर की पहचान वीरपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव निवासी वैद्यनाथ साहनी का पुत्र दीपक साहनी के रूप में की गई है।
बरौनी/बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत राम जीवनदास की रिपोर्ट
इन दिनों मजदूरी करने वाले लोगों को मजदूरी से पेट नहीं तो नशे के व्यापार में अधिक कमाई के लिए अग्रसर होते जा रहे हैं। बिहार सरकार द्वारा नशाबंदी के ऐलान के बाद भी युवा वर्गो में अधिक संपत्ति अर्जित करने के लिए गैर कानूनी कार्यों में लिफ्त होकर, कोई दारू, कोई गांजा, तो कोई अफीम, तो कोई चरस, तो कोई हेरोइन जैसे गैर कानूनी कार्यों में लिफ्त होकर दौलतमंद होने के लिए आगे बढ़ते जा रहे हैं।
बताया जाता है कि बेगूसराय नगर थाना क्षेत्र के बस स्टैंड के समीप गुरुवार के अहले सुबह नगर थाने की पुलिस व टाइगर मोबाइल ने संयुक्त रूप से राजधानी पटना के नाकोटिक्स एसटीएफ की सूचना पर छापामारी कर एक व्यक्ति को ट्रॉली बैग के साथ बस से उतरते ही धर दवोचा। तलाशी लेने पर उक्त बैग से लगभग 500(आधा किलो) के करीब नसीला हीरोइन बरामद की गई। जिसकी बाजार कीमत लगभग दो से ढाई करोड़ रुपए तक हो सकती है।
इसके साथ ही एक आधार कार्ड, एक आयुष्मान कार्ड व एक मोबाइल पुलिस ने बरामद की है।
आरक्षी अधीक्षक मनीष कुमार के अनुसार गुरुवार की सुबह एसटीएफ नाकोटिक्स सेल पटना के द्वारा सूचना मिली की नगर थाना के बस स्टैंड में एक बस से एक व्यक्ति ट्रॉली बैग लेकर नशीला पदार्थ हीरोइन लिए हुए है, जो शीघ्र ही बस से उतरने वाला है। आरक्षी अधीक्षक ने पटना से मिली इनपुट के आधार पर दरोगा मदन कुमार व टाइगर मोबाइल को बस स्टैंड भेजा गया। ट्रॉली बैग के साथ बस से उतरते ही उक्त संदिग्ध व्यक्ति ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की। लेकिन सतर्क पुलिस ने उसे भागते हुए खदेड़ कर गिरफ्तार कर लिया।
उक्त तस्कर की पहचान जिले के वीरपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव निवासी वैद्यनाथ साहनी का पुत्र दीपक साहनी उर्फ दीपक गुप्ता उर्फ दीपक कुमार के रूप में की गई है। आरक्षी अधीक्षक के अनुसार नशीला पदार्थ हीरोइन की खरीद बिक्री में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी टीम का गठन कर दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र के बुद्धिजीवियों में जितनी मुंह उतनी बातें होने लगी है,कि अब तो खेतों में या अन्य जगहों में मेहनत करने वाले लोगों में कमी देखी जाती है। लेकिन इस इलेक्ट्रॉनिक युग में लोग नशीले पदार्थ की तस्करी, जमीन खरीद बिक्री करने वाले जलसाजो की बढ़ोतरी आदि गैर कानूनी कार्यों में अधिक मुनाफा देखकर लोगों में अधिक कमाई को लेकर चहल-पहल बढ़ गई है।
कहते हैं कि ऊपर पैसा, नीचे पैसा, पैसा ही महल बनता है। पैसे की तो बात ना पूछो घर-घर भीख मांगाता है। पैसा ही फांसी पर चढाता है, पैसा ही कसूरवार को भी बेकसूर ठहरता है। धन्य है कलयुग में पैसों की महत्ता। जिसको लेकर मानवता दानवता में परिवर्तित हो रहा है। ईमानदारी के बदले बेईमानी का राज कायम हो गया है।


