बाबा भोले को जल चढ़ाने जाने वाले एक 70 वर्षीय कांवरिया ने पूल पर से रंग लगाकर आत्महत्या कर ली।
गंगा घाट के नाविकों ने यह देखकर गंगा से उसे वृद्धि को निकाल लिया,लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
मृतक कांवरिया की फोन नंबर तेरे पेयजल पथ पर गेरुआ रंग का थैला कपड़ा और चश्मा बरामद किया गया। जिसकी पहचान नहीं हो सकी है।
बरौनी/बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत रामजीवन दास।
एक 70 वर्षीय कांवरिये ने राजेंद्र सेतु से रविवार को दस बजे गंगा नदी में अचानक छलांग लगा दी। इस घटना में कांवरिये की मौत हो गयी।
समाचार प्रेषण तक मृतक कांवरिये की पहचान नहीं हुई है। हाथीदाह थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि दस बजे राजेंद्र सेतु के पैदल पथ में पुल नंबर-13 से अचानक वृद्ध कांवरिये ने गंगा नदी में छलांग लगा दी। घटना के वक्त गंगा नदी में कुछ नाविकों ने कांवरिये को छलांग लगाते देख लिया और नाविकों ने आनन-फानन में कांवरिये को गंगा नदी से बाहर निकाला, लेकिन तब-तक उसकी मौत हो गयी थी। पुल नंबर-13 पैदल पथ से एक गेरुआ रंग का थैला, कपड़ा और चश्मा भी बरामद किया गया है। चश्मा के डिब्बे पर कटिहार जिले का दुर्गापुर अंकित है। थानाध्यक्ष ने बताया कि कांवरिये ने क्यों खुदकुशी की, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। कांवरिये की पहचान के बाद ही खुदकुशी का कारण भी उजागर हो जायेगा। वृद्ध कांवरिये की लाश को पोस्टमार्टम के बाद सुरक्षित रखा गया है। इधर, राजेंद्र सेतु पर इस घटना के बाद अफरातफ़री मच गयी। पुल पर मौजूद कांवरियों ने शव की पहचान का प्रयास भी किया, मगर सफलता नहीं मिली। हाथीदह पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।


