शुत दारा वो लक्ष्मी पतितहु के घर होय, पर संत समागम हरि कथा तुलसी दुर्लभ होय।
बड़े भाग्य मानुष तनु पाबा, शुरं दुर्लभ शद ग्रनथनि गाबा।
सात दिवशीम भागवत कथा का विधि विधान के साथ हवन उपरांत ( पूर्णाहुति) की गई।
कथा वाचक द्वारा अपने पवित्र हाथों से क्षेत्र के सनातन धर्मियों के कथा स्थल पर पंगत में बैठकर महाप्रसाद का भोग लगवाया गया।
बरौनी /बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत राम जीवन दास की रिपोर्ट।
कथा वाचक के मुखारविंद से भागवत प्रसंग का श्रद्धापूर्वक आनंद लेने की पक्ष पूर्णाहुति उपरांत कथा वाचक द्वारा कुवांरी कन्याओं सहित कथा प्रेमियों को सादर आमंत्रित कर पंगत में बैठकर महाप्रसाद का वितरण किया और भोग लगवाया , यानी भोजन करवाया। जिससे क्षेत्र के बच्चे बूढ़े जवान, माताएं, बहने सभी आनंदित होकर बाबा से आशीर्वाद प्राप्त किया। बताते चलें कि कथा के समापन उपरांत, धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, सनातनियों में सद्भभावना हो, विश्व का कल्याण हो,के उद्घोष से गूंजायमान हो गया पिपरादेवस पंचायत। एवं अगल-बगल के हाजीपुर, मालती, ठाकुरी चक ,राजवाड़ा आदि गांवो के आम जन।
बरौनी प्रखंड के पिपरा देवस पंचायत के एण एच 28 से सटे उत्तर सात दिवसीय भागवत कथा के स्थल पर कथा वाचक माधवाचार्य महाराज द्वारा वेदों के विधान के तहत कलश यात्रा में शामिल कुवारी कन्याओं को साथ लेकर हवन की ( पूर्णाहुति) करवाया गया। जहां क्षेत्र के हजारों कथा प्रेमी नर -नारी सहित बच्चे, बूढ़े युवा भी उपस्थित थे। पिपरा देवस पंचायत में कलश यात्रा में जितने भी कन्याकुवारीयो ने भाग लिए थे, सभी कुंवारीयो द्वारा प्रतिदिन सुबह- शाम श्रद्धापूर्वक धूप अगरबत्ती फूल लेकर अपने-अपने कलश की पूजा अर्चना किया । सोमवार को भागवत कथा के छठे दिन सभी कन्याकुवारीयो ने एक साथ बिधि पूर्वक हवन कुंड में पूजा अर्चना की । जिसमे मालती, पिपरा देवस, हाजीपुर, असुरारी सभी गावों के कन्याकुवारी शामिल थी। कथावाचक माधवाचार्य महाराज द्वारा उपस्थित सनातन धर्मालंबियों के सॉन्ग धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, सनातनियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो, गौ माता की जय हो , के उद्घोष से क्षेत्र को गूंजायमान कर दिया । उसके बाद उपस्थित सभी लोगों के बीच भगवान के प्रसाद का वितरण किया गया। कथा स्थल की प्रांगण में सभी सनातन धर्मी माता बहनों एवं बच्चों बूढ़ों को एक साथ पंगत में बैठ करके महाराज जी ने अपने पवित्र हाथों से महाप्रसाद का वितरण कल सभी को संतुष्ट कर दिया। इतना ही नहीं रास्ते से आने जाने वाली श्रद्धालुओं को भी प्रसादी पानी का अवसर प्राप्त हुआ।



