बेगूसराय : नावकोठी थाना क्षेत्र में मंगलवार को एसटीएफ वो अपराधी मुठभेड़ में समसा की मुखिया हेमा मौर्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी रणवीर यादव को गोली लगी।
पुलिस की गोली से 50000 का इनामी को क्या 30 वर्षीय अपराधी रणवीर कुमार जख्मी हो गया।
स्थानीय पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
बेगूसराय/ बरौनी/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट ।
नाव कोठी थाना क्षेत्र के समसा गांव में मंगलवार को गुप्त सूचना पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने 50000 के इनामी कुख्यात अपराधी को गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी की। अपराधियों ने पुलिस को देखते ही गोली चलाना शुरु कर दिया। पुलिस ने अपने बचाव में गोली चलाई। इस क्रम में एसटीएफ की ओर से चलाई गई गोली से कुख्यात इनामी अपराधी रणवीर कुमार जख्मी हो गया। दोनों ओर से चल रही गली के मध्दे नजर सभी अपराधी भागने लगे। जिसमें गोली से घायल इनामी अपराधी पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया।
पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस ने हत्या का आरोपी रणवीर महतो पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। जानकारी के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर एसटीएफ और पुलिस ने रणवीर महतो की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि रणवीर कुछ अपने सहयोगियों के साथ नावकोठी थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है। पुलिस की घेराबंदी देखने के बाद रणवीर ने खुद को बचाने के लिए गोलियां चलानी शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इससे एक गोली रणवीर के पैर में लग गई। बताया जाता है कि वर्ष 2020 में सरस्वती माता की प्रतिमा विसर्जन के दौरान तत्कालीन मुखिया हेमा मौर्य अपने समर्थकों और ग्रामीणों के साथ बूढ़ी गंडक नदी पर गई हुई थीं। इसी दौरान विरोधी गुट ने उन पर हमला कर दिया। ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं।जिस गोली के लगने से हेमा मौर्य की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी।
पुलिस अपराधी की मुठभेड़ की खबर मिलते ही जिले भर में सनसनी फैल गई। इनामी अपराधी तो पकड़ा गया, लेकिन उनके सभी सहयोगी भाग जाने में सफल रहे।
बताया जाता है कि पुलिस को सूचना मिली कि रणबीर अपने साथियों के साथ संमशा गांव आया हुआ है, इसी दौरान उसकी गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी की गई ,तो अपराधी की ओर से पुलिस के ऊपर फायरिंग शुरू कर दी गई, इसके बाद एसटीएफ के जवाबी कार्रवाई में रणवीर को पैर में गोली लग गई , जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया।
बताया जाता है कि दूसरों पर रुतबा दिखाने के लिए जिसने भी हथियार उठाई है,उसकी भी मौत हथियार से ही लिखी हुई होती है। आखिर जो जैसा करता है वह वैसा ही पता है। दूसरों की हत्या कर उनके परिजनों को रुलाने वालों का भी परिजन रोता ही रहता है। कहा गया है कि दीन बिगाड़े तीन गए, धन धर्म और वंश, गर विश्वास नहीं है तो, देखो रावण कौरव कंस?
इस प्रसंग में पूछे जाने पर डी आई जी आशीष भारती ने पत्रकारों को इसकी जानकारी आरक्षी अधीक्षक से लेने को कहीं। लेकिन पत्रकारों द्वारा आरक्षी अधीक्षक के मोबाइल पर पुलिस अपराधी मुठभेड़ एवं गिरफ्तारी के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की तो उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।
घायल अपराधी को पुलिस ने अपनी संरक्षण में इलाज हेतु अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस और एसटीएफ आगे की कार्यवाही के लिए सघन अनुसंधान में जुटी है। और भागे अपराधी की तलाश में जुट गई है। वहीं घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा का बाजार गर्म है।



