मुस्लिम समाज ने लगाये पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे। निहत्थे पर गोलीबारी कर हत्या करने वाले कायरों के खिलाफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री एवं सेना प्रमुख के पुतले जलाए गये।
मंनशुर चक के पूर्व मुखिया मो० अरमान कुरेशी ने कहा कि आतंकवादियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता।अल्पसंख्यकों ने काला पट्टी बांधकर नवाज अदा की।
बरौनी/ बेगूसराय/ सच आज तक संवाददाता महंथ राम जीवन दास की रिपोर्ट
तेघरा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या दो हसनपुर गांव में मुस्लिम समाज के द्वारा काला बिल्ला लगाकर जुम्मे की नमाज अदा की गई। मुस्लिम समाज के द्वारा 2 मिनट का मौन रखकर कश्मीर के पहल गांव में हुए लगभग दो दर्जन लोगों के कायराना हमले में हुई मौत के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किया। वही मनशुरचक प्रखंड क्षेत्र के सरयु नगर स्थित शाही मस्जिद में जुम्मे की नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने कश्मीर के कहलगांव में आतंकवादियों द्वारा निर्दोष लोगों को धर्म पूछ कर गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में जमकर नारे बाजी की। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री एवं सेवा प्रमुख का पुतला दहन किया। घटना से आक्रोशित मुस्लिम समाज ने एक जुटता के साथ पाकिस्तान के हुकम रानो के खिलाफ नारे लगाएं एवं पाकिस्तान मुर्दाबाद कहते हुए एक जुटता दिखाई। इस अवसर पर पूर्व मुखिया अरमान कुरैशी ने कहा कि आतंकवादियों की कोई जाति या धर्म नहीं होती? इस अवसर पर अजमत अली, मन्नू मियां सहित सैकड़ो की संख्या में मुस्लिम भाई उपस्थित थे। वही हसनपुर में अल्पसंख्यकों ने काला बिल्ला लगाकर नवाज अदा की एवं आतंकवादियों द्वारा मारे गए मृतकों के प्रति 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। हसनपुर पुरानी मस्जिद में जुम्मे की नमाज खत्म होने पर राजद अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष मकबूल आलम ने अपने लोगों के साथ पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि मुस्लिम समुदाय प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से मांग करती है कि पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए ।जम्मू कश्मीर के पहल गांव में हुए आतंकी हमले की घटनाओं से हम सभी शर्मसार हैं। मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हम सभी एक हैं और हिंदुस्तान हमारा है। हिंदुस्तान की धरती पर अब उग्रवाद, नक्सलवाद, या आतंकवाद का सफाया होना अति आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि जो कट्टर बाद का समर्थक है अब उन्हें भी जागने को मजबूर होना होगा। चुकी हम सभी भारत माता के धरती पर रहकर, यहां का अनाज खाते हैं, यहीं पर पले, बढे तो हम सबको मिलजुल कर भारत माता की जय कहना होगा?



