बरौनी रेल पुलिस ने 2024 फरवरी से लेकर अक्टूबर तक अवैध व्यवसाययों का लगभग दो क्विंटल से ऊपर गांजा बरामद किया।
सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट
फिर जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या आठ पर लावारिस हालत में लगभग 11 किलो गांजा बरामद किया है।
चर्चा है कि ऐसा कौन सा धनाढ्य व्यापारी है जो इस व्यवसाय में सॉन्गलग्न है।
बरौनी/। पूर्व मध्य रेलवे सोनपुर मंडल के चर्चित रेलवे स्टेशन बरौनी जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 8 पर लावारिस हालत में रेल राजकीय थाना पुलिस की स्पेशल टीम ने 11 किलो गांजा बरामद किया है। बताया जाता है कि जब से सरकार ने नशाबंदी का ऐलान किया है, तभी से रेल प्रशासन ने एक एएलटीएफ-3 नाम से प्रशासन का स्पेशल टीम गठित कर बरौनी जंक्शन होकर गुजरने वाली दूरगामी एक्सप्रेस मेल ट्रेन में सघन जांच अभियान चलाई जा रही है। इस जांच अभियान के तहत पुलिस ने अवैध शराब, के साथ-साथ अबैध गांजा भी बरामद की है। जबकि शायद ही कोई छोटा-मोटा व्यापारी पकड़ा जाता है एक बोतल दो बोतल के साथ। थोक व्यापारी कभी भी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। जो अंग्रेजी शराब सहित विदेशी शराब, देसी शराब के साथ-साथ गांजा का भी व्यापार करते हो, वह भी ऐसा व्यापारी जो अवैध नशे का सामान लाकर किसी ने किसी प्लेटफार्म के कोने में लावारिस हालत में रखकर गायब हो जाते हैं।
बताया जाता है कि रेल पुलिस ने शराब के साथ-साथ 2024 के फरवरी में 31 किलो, मार्च में 30 किलो, अप्रैल में 30 किलो, जून में 12 किलो, जुलाई में 56 किलो, अगस्त में 26 किलो, सितंबर में 5 किलो , अक्टूबर में 12 किलो गांजे की बाराबरामदगी की बात बताई जाती है, जबकि रविवार 20 अप्रैल को प्लेटफार्म संख्या 8 पर लावारिस हाल में 11 किलो गांजा की बरामदगी बताई जाती है। जिसको लेकर आम जनों में जितना मुंह उतनी चर्चाएं हो रही है। कि आखिर कौन ऐसा धनाढ्य ( पैसे वाला) अवैद्य व्यापारी है जो लाखों रुपए का शराब गांजा आदि लाकर बरौनी जंक्शन के प्लेटफार्मों पर रखकर रफू चक्कर हो जाता है। और तब रेलवे प्रशासन को लावारिस हाल में उक्त अवैध सामानो की बरामदगी हो पाती है। चर्चा यह भी है की बरौनी रेलवे स्टेशन के चारों ओर अगल-बगल में जितने भी गांव है, वही के कुछ पैसे वाले अवैध व्यापारी इस कार्य में सॉन्गलगन हो सकते हैं। जो कुछ ले जाने में सफल हो जाते और कुछ जो छूट जाती हैं वह प्रशासन को हाथ लगती है। बुद्धिजीवियों में चर्चा यह भी है कि ऐसे सफेद लोग प्रशासन के साथ भी अपना मेल- जोड़ रख सकते हैं।
बताया जाता है कि झारखंड व पश्चिम बंगाल से आने वाली कोलकाता दरभंगा, रक्सौल हावड़ा एक्सप्रेस, सियालदह बलिया एक्सप्रेस, पूर्वांचल एक्सप्रेस, गंगासागर एक्सप्रेस, मौर्य एक्सप्रेस, टाटा छपरा एक्सप्रेस आदि ट्रेनों से शराब और गांजा लाई जाती है जिस कारण बरौनी जंक्शन पर जीआरपी और अवैध तस्करों के बीच लुका- छुपी का खेल बस्तुर जारी रहती है। ट्रेन से उतरकर अवैध सामान लेकर निकल गए तो शेर।, सामान पकड़े गए तो गीदर। आखिर अवैध सामान लाकर यूं ही प्लेटफार्म पर छोड़ देना उचित नहीं बुझाता?
नअबैध नशीले पदार्थ की बरामदगी को लेकर रेल राजकीय इंस्पेक्टर के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम यानी एएलटीएफ टीम गठित की गई है, जो लगातार 24 घंटे दूरगामी ट्रेनों पपर पैनी नजर लगाए रहती है। ट्रेनों के अर्बन की को जांच किया जाता है । इस क्रम में चालक व्यापारी जो सामान लेकर निकल जाने में सफल रहते हैं तो उनकी बाबा ही होती रहती है जो कुछ सामान ले जाने में और सफल रहे तो ड्यूटी मैं लगी प्रशासन को उक्त सामान हाथ लग जाती है।



