ईश्वर को जानने का मार्ग अंतर्ज्ञान है: स्वामी भागीरथी महाराज
सतमत सत्संग का 36वां जिला वार्षिक अधिवेशन के अंतिम दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
बरौनी। सच आज तक संवाददाता यदुनंदन जी की रिपोर्ट।
बेगूसराय जिला संतमत सत्संग का 36वां जिला वार्षिक अधिवेशन के अंतिम दिन बुधवार को बिहार के कई जिलों से पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ से बारो गुलजार है।अभिनंदन पत्र पढ़कर समाजसेवी प्रमोद सिंह उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। बारो पहुंचे स्वामी भागीरथी महाराज, स्वामी सत्य प्रकाश महाराज ,स्वामी प्रमोद महाराज , स्वामी नरेशानंद महाराज के प्रवचन से दर्शक मोहित हुए।साधु संतों का स्वागत जिला मंत्री गजेंद्र पोद्दार , सुभाष चौधरी, दिलीप कुंवर, राम उचित शर्मा, सत्यानंद चौधरी, दीपक साह, विष्णु कुमार ,महंथ अशोक दास,सुरेंद्र कुमार आदि ने किया। अधिवेशन में ईश्वर के स्वरूप विषय पर चर्चा करते हुए स्वामी भागीरथी महाराज ने कहा कि ईश्वर भौतिक इन्द्रियों की सीमा से परे हैं। हमारी आँखें उन्हें देख नहीं सकतीं, कान उनकी आवाज़ नहीं सुन सकते और स्पर्श उन्हें छू नहीं सकता। ईश्वर को जानने का मार्ग इन्द्रियों का नहीं, बल्कि अंतर्ज्ञान का है। स्वामी सत्य प्रकाश महाराज ने कहा कि ईश्वर का अनुभव केवल गहन ध्यान, साधना और आत्मा की शुद्धता के माध्यम से संभव है। जब मन शांत होता है और आत्मा अपनी मूल अवस्था में पहुँचती है, तभी परमात्मा का अनुभव संभव होता है।


