समाजसेवी मोहन ठाकुर की 13 वीं पर चौरासी महाभोज एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम आयोजित।
सच आज तक संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा , बेगूसराय
बरौनी प्रखंड अंतर्गत नुरपुर (महना) निवासी बरौनी रिफाइनरी पाइप लाइन से अवकाश प्राप्त समाजसेवी स्मृतिशेष मोहन ठाकुर के निधन उपरांत गुरुवार को 13 वीं चौरासी महां भोज के अवसर पर उनके आवासीय परिसर में उनके याद में श्रद्धांजलि सह संकल्प सभा का आयोजन राष्ट्रीय नाई महासभा के जिला अध्यक्ष प्रोफेसर रविंद्र कुमार पप्पु की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें राज्य कमेटी,जिला कमेटी के अलावे सभी प्रखंड कमेटियों के पदाधिकारीयों तथा शांति भोज भोज में शामिल होने आए सगे संबंधियों आदि के द्वारा तेल चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई । राष्ट्रीय नए महासभा के राज्य उपाध्यक्ष प्रोफेसर श्रीकांत ठाकुर ने कहा कि स्वर्गीय ठाकुर सरल और सहज व्यवहार के आध्यात्मिक एवं सामाजिक व्यक्ति दैहिक रूप से हमारे बीच उपस्थित रहे या ना रहे परंतु उनकी आत्मा और स्नेहिल स्वभाव का भाव हमेशा हमारे साथ रहेगा। अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर रविंद्र कुमार पप्पू ने कहा कि उनके नाश्वर शरीर त्यागने से बरौनी ही नहीं बल्कि संपूर्ण क्षेत्र के सामाजिक जगत की अपूर्णिय क्षति हुई है । लखीसराय से आए राज्य प्रतिनिधि राम लखन ठाकुर ने कहा कि स्वर्गीय ठाकुर इस पड़ाव में पहुंचने के बाद भी सामाजिक, संस्कृत ,धार्मिक एवं सांगठनिक कार्यों में बढ़ चढ़कर अपनी सहभागिता निभाते थे। जिला सचिव प्रभु प्रताप ठाकुर ने कहा उनके संस्कार और परवरिश की वजह से ही आज उनके पुत्र सुबोध कुमार, मनीष कुमार सहित परिजन और कुटुंब कई प्रतिष्ठित पदों पर आसीन है। वे कुछ दिनों से बीमारी के चलते अपने प्रिय परिजनों व शुभचिंतकों को छोड़कर 28 दिसंबर को दुनिया को अलविदा कह गये। वे अपने पीछे भरे पूरे परिवार छोड़ गए। मौके मलकी चौरासी प्रमुख राजकुमार ठाकुर, राज्य प्रतिनिधि मथुरा ठाकुर, उमाकांत ठाकुर, डॉक्टर विश्वेश्वर ठाकुर, कोषाध्यक्ष टुनटुन ठाकुर, जिला उपाध्यक्ष बैजनाथ ठाकुर, अजय ठाकुर, संगठन प्रभारी प्रोफेसर सुभाष चंद्र नागमणि, भगवानपुर जिला अध्यक्ष डॉ राजेंद्र ठाकुर, बरौनी प्रखंड अध्यक्ष अधिवक्ता अशोक कुमार ठाकुर, भाई नरेश ठाकुर, रामसेवक ठाकुर, सरस्वतीचंद्र ठाकुर, संगीतकार शशिकांत ठाकुर, रामदास ठाकुर, जंग बहादुर ठाकुर,क्षेत्रीय सरदार रामशंकर ठाकुर , कैलाश ठाकुर, चंद्रदेव ठाकुर सहित विभिन्न क्षेत्र के नेतृत्वकर्ता मौजूद थे।


