ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा चलाया गया नशा मुक्ति के पक्ष में जागरूकता अभियान।
तेघड़ा ,बेगूसराय
पप्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय तेघड़ा सेवा केन्द्र की संचालिका बीके आशा दीदी के नेतृत्व में अतरूवा चौक के समीप नशामुक्ति हेतू जागरुकता अभियान चलाया गया। उक्त अवसर पर विशेष झांकी के साथ उक्त स्थल पर पहुंचे जागरुकता अभियान रथ पर सवार दल के मुख्य वक्ता जम्मू-कश्मीर से पधारे बीके राजीव धवन ने उपस्थित लोगों को नशा क्या है? उसके प्रकार, नशा क्यों करते हें लोग, तथा उससे होने वाली बीमारी व उससे कै मुक्ति के उपाय को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि नशा की लत 15 से 25 वर्ष की उम्र में लगती है जो लोगों के जीवन में ताउम्र बनी रहती है। दृढ़ इच्छाशक्ति वाले लोगों को तो पहले यह लत लगती ही नहीं है, अगर लगती है तो वह दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उसे छोड़ भी सकता है। उन्होंने नशा की लत का एक कारण गलत संगत को भी बताया है। श्री धवन ने उपस्थित लोगों की भीड़ से दो लोगों को अपने पास बुलाया और उसके पास जो तम्बाकू था उसे जमीन पर फेंकने और उसपर थूकने को कहा, फिर कहा कि आजके बाद अगर आप उक्त नशा का प्रयोग करेंगे तो थूका हुआ तम्बाकू का सेवन होगा, जो लोगों को नहीं करना चाहिए। मौके पर उपस्थित सभी लोगों को हाथ उठाकर नशा न करने की शपथ दिलाई। साथ ही श्री धवन और ब्रह्मा कुमार ऋषि भाई ने उपस्थित लोगों से अपील की कि नशा से मुक्ति हेतु आपलोग तेघड़ा अनुमंडल बाजार स्थित स्टेट बैंक के पीछे अवस्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेवा केंद्र में आयें, जहां राजयोग के द्वारा भांग, धतूरा, शराब, गुटखा, तम्बाकू आदि की नशा से मुक्ति दिलाकर ईश्वरीय नशा की ओर अग्रसर किया जायेगा, जिससे जीवन में कल्याण ही कल्याण होगा। उक्त अवसर पर बड़े एलसीडी स्क्रीन पर नशा व नशामुक्ति से संबंधित विडियो दिखाकर लोगों में जागरूकता लाने का प्रयास भी किया गया। उक्त अवसर पर बीके राजीव भाई,मनतोष भाई, ऋषि भाई, रामबाबू भाई,रवि भाई, शिक्षक सुमित कुमार भारती, चितरंजन पासवान,वचनदेव राय सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।


