ठंड में तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल को नुकसान की संभावना
रबी फसल को बढ़ते तापमान से सबसे ज्यादा खतरा होता है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि गेहूं की फसल में बालियां फरवरी के महीने में आती है। उस समय फसल के लिहाज से न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम और अधिकतम तापमान 25 डिग्री तक होना चाहिए।ठंड में तापमान बढ़ने से गेहूं के नुकसान की आशंका से किसानो को चिंता सताने लगा है।दिसंबर महीने के कुछ चंद दिन बचे हें। दिसंबर महीना अपनी ठिठुरन वाली सर्दी के लिए जाना जाता है। लेकिन अभी के मौसम को देखते हुए किसानों को सावधान रहना चाहिए क्योंकि गेहूं की फसल खराब हो सकती है। गेहूं की फसल को ठंडे वातावरण की जरूरत होती है। ऐसे में हालिया मौसम की गर्मी को देखते हुए आशंका है कि गेहूं उत्पादन पर इस मौसम का प्रतिकूल पर असर पड़ सकता है। आमतौर पर दिसंबर के महीने में तापमान में गिरावट देखी जाती है।लेकिन रबी सीजन की शुरुआत में ही गेहूं जैसी फसल के लिए अनुकुल तापमान नहीं देखा जा रहा है। पौधा 20 से 25 दिन का ही हुआ है किसान गेहूं के खेतों में दूसरा पानी देने को मजबूर है।वहीं पिछले साल भी किसानों को ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था।अब दरअसल गेहूं की फसल अधिक तापमान में खराब हो जाती है क्योंकि गेहूं की फसल तापमान के लिहाज से अधिक सेंसिटिव होती है। समय के साथ तापमान का संतुलन ठीक न रहे तो गेहूं की बढ़वार प्रभावित होगी। साथ ही गेहूं के मिल्किंग स्टेज में दिक्कत आ सकती है।
*गेहूं के लिए अनुकूल तापमान*
रबी फसल को बढ़ते तापमान से सबसे ज्यादा खतरा होता है. कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि गेहूं की फसल में बालियां फरवरी के महीने में आती हैं. उस समय फसल के लिहाज से न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम और अधिकतम तापमान 25 डिग्री तक होना चाहिए। इससे अधिक तापमान बढ़ता है तो फसलों को नुकसान होता है। ऐसे मे बुवाई की शुरुआत से ही अब तक लगातार कम ठंड पढ़ने और दिन में कड़ी धूप किसानों के लिए चिंता का विषय है।






