विधि - विधान से हुआ मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन, नम आंखों से दी गई विदाई...
नवरात्रि महोत्सव के समापन के बाद बुधवार को प्रखंड के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में मां दुर्गा के प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
श्रद्धालुओं ने नाम आंखों से मां को विदाई दी। विसर्जन से पहले पूजा पंडालों व दुर्गा मंडपों में महिला श्रद्धालुओं ने माता की प्रतिमा को कोइछा भरते हुए विधि विधान के साथ रस्मों को पूरा किया। वृद्ध महिलाओं से लेकर नव विवाहितों ने मौके पर एक दूसरे को सिंदूर लगाकर और सिंदूर उड़ा कर विजयदशमी की शुभकामनाएं दी ।
इलाकों में स्थापित विभिन्न पूजा पंडालों में सजाई गई मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन बैंड बाजा से सुसज्जित शोभा यात्रा में मिनी ट्रक, ट्रैक्टर ट्रालियों पर स्थापित किया गया था। रास्ते में महिलाएं और पुरुषओं व श्रद्धालुओं गुलाल वर्षा तथा जय कारे के उद्घोष पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। उत्तर तेघरा के अंबा, चिल्हाय,किरतौल ,पकठौल, आदि जगहों की प्रतिमा को बलान नदी के पवित्र जल में विसर्जित किया गया, वही तेघड़ा नगर परिषद एवं बीच के ग्रामीण क्षेत्र के सभी पूजा मंडपों में स्थापित किए गए प्रतिमाओं को पिढौली ,दुलारपुर गंगा घाट से लेकर तेघड़ा सूर्य नारायण वोल्डर घाट एवं बरौनी घटकिंण्डी घाटसहित अन्य घाटों में विसर्जित किया गया। वही बरौनी नगर परिषद क्षेत्र के फुलवरिया एवं शोकहारा सहित पूरे क्षेत्र के प्रतिमाओं का एक साथ विसर्जन शोभा यात्रा में हजारों की संख्या में शामिल होकर महिला पुरुष श्रद्धालु झूमते गाते, निपनियां मघुरापुर के गंगा घाट के पवित्र जल में विसर्जित किया गया। विसर्जन में जगह-जगह पुलिस वालों की तैनाती की गई थी साथ ही विसर्जन यात्रा से लेकर घाटों तक सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम किया गया था। स्थानीय विधायक राम रतन सिंह एवं पूर्व विधायक राजेंद्र प्रसाद सिंह, सहित प्रखंड के बुद्धिजीवियों ने इस दश दिवसीय पूजनोत्सव के दौरान नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ,आम जनो व अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार ,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉक्टर रविंद्र मोहन प्रसाद , प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार तेघड़ा थाना अध्यक्ष संजय कुमार एवं फुलवरिया थाना अध्यक्ष नवीन कुमार के अलावे पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारीयों तथा सुरक्षा बल के सक्रियता के कारण लोगों ने भय मुक्त व सौहार्दपूर्ण वातावरण में उत्सव मनाया




