सफाई कर्मी का नौकरी करना है तो मुखिया को देना होगा पच्चास हजार नजराना
बेगुसराय जिले में सफाई कर्मचारी की भी अगर नौकरी करना है तो आपको देना होगा नजराना। जी हां ये ताजा मामला जिले के भगवानपुर प्रखंड के संजात पंचायत की है। ये मामला पीड़ित संजात पंचायत के वार्ड संख्या दो निवासी स्व गोनू मल्लिक के पुत्र कमल मल्लिक से जुड़ा हुआ है। जबकि बिहार में गठबंधन नहीं महागठबंधन के साथ ही सुशासन बाबू की सरकार है जो बड़ा बड़ा दावा करते हैं लेकिन धरातल पर कुछ नहीं दिखता है। बिहार सरकार कचड़ा प्रबंधन को लेकर ना जाने कौन कौन सी नियम व फरमान जारी किया लेकिन फरमान को ताक पर रखकर मुखिया जी के पति नजराना की डिमांड करते हैं नहीं देने पर उनको काम पर नहीं रखते हैं। उक्त मामले का वीडियो फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप में तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें पीड़ित कमल मल्लिक ने बताया है कि संजात पंचायत के वर्तमान मुखिया पुनम कुमारी के पति कुंदन कुमार जो सरकारी शिक्षक होने के बावजूद भी हम गरीब लोग से सफाई कर्मी के रूप में भर्ती करने के नाम पर 50 हजार रूपए की मांग किए जो हम देने में सक्षम नहीं हुए जिसके कारण हमारे स्थान पर दूसरे आदमी को बहाल किए हैं। अब सवाल ये उठता है कि आखिर ये विडियो इतना तेजी से वायरल होने के बावजूद भी भगवानपुर प्रखंड प्रशासन के कान तक नहीं पहुंचा। अगर पहुंचा तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई। बिहार के मुखिया नीतीश कुमार जी देखिए ना आपके रहते आपके महत्त्वाकांक्षी योजना में घोर धांधली हो रही है और आपका आलाधिकारी कान में करुआ तेल डालकर सोए हुए हैं। हालांकि इस विडियो की पुष्टि आर एम न्यूज नहीं करती है
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