तेघड़ा ( बेगूसराय)
तेघड़ा प्रखंड के रात गांव पंचायत अंतर्गत बाया नदी के पार गंगा नदी के किनारे बसे गांव भगवानपुर चक्की के वार्ड संख्या 13 में गंगा नदी में फिर से कटाव का दौर शुरू हो गया है। कटाव को देखते हुए लोगों में भय हो रहा है की कटाव से खेती योग्य भूमि एवं या गांव विलीन ना हो जाए। स्थानीय लोगों ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में हो रही कमी के दौरान करीब आधा किलोमीटर लंबा रुक-रुक कर जमीन गंगा नदी में विलीन हो रहा है जो पिछले कई दिनों से कटाव जारी है। ऐसा अनुमान है कि कटाव का तेज रफ्तार उपजाऊ जमीन को काटते हुए बहुत जल्द ही रोड को अपने आगोश में लेलेगी। वहां के लोगों ने बताया कि समय रहते इन जगहों पर कटाव रोधी कार्य नहीं किया गया तो सैकड़ों एकड़ जमीन नदी में समा जाएगी और भगवानपुर चक्की का अल्पसंख्यक, महादलित एवं पिछड़ा यह गांव भगवानपुर चक्की नदी में विलीन हो सकता है। पिछले वर्ष भी बड़े पैमाने पर कटाई हुई थी कटाव रोधी विभागीय सभी बेअसर साबित हुए थे। विदित हो कि यह गांव साल में 4 महीना बाढ़ के पानी से घिरा और भरा रहता है। और इस दौरान यहां के जनमानस को विस्थापित होकर गुप्ता बांध एवं अन्ययंत्र जगहों पर अपनी जान माल एवं पशुओं के साथ किसी तरह महीनों
। वहां का रोड का संपर्क भी टूट जाता है जिसके लिए प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाए जाने वाले डेंगी नाव ही मात्र एक सहारा होता है। देश में आजादी के अमृत महोत्सव मनाने के बाद भी वहां के लोगों को अब तक 75 वर्ष बाद भी रोड और बाढ़ से निजात होने का सपना अधर में लटका हुआ है। वहां के लोग सरकार तथा स्थानीय प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की ओर टकटकी लगाए बैठे हें । ऐसी स्थिति में क्षेत्र की सुरक्षा दांव पर है। वहां के स्थानीय वार्ड सदस्य सह उप मुखिया मोहम्मद इब्राईल , मोहम्मद बहाव , अनिल महतो , मोहम्मद इकबाल, मोहम्मद शकील के अलावे दर्जनों लोग कटाव स्थल पर मौजूद थे। उप मुखिया मोहम्मद इब्राईल ने बताया कि गंगा के कटाव भयावह रुख अख्तियार कर रही है। जिससे यहां के आम जनता दहशत में जीने को मजबूर हें। उन्होंने बताया कि कटाव स्थल से मात्र 150 मीटर की दूरी पर मस्जिद एवं 400 लोगों का घर जो कि 2500 की आबादी पर आसन्न खतरा विराजमान हो गया है।



